होम्स (सीरिया) | 26 दिसंबर, 2025
न्यूज डेस्क/चौपाल Today। मध्य सीरिया के प्रमुख शहर होम्स में शुक्रवार (जुमे) की नमाज के दौरान एक मस्जिद में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सीरियाई अधिकारियों और स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस हमले में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 18 से अधिक लोग घायल हैं। यह घटना होम्स के वादी अल-दहाब (Wadi al-Dhahab) इलाके में स्थित इमाम अली इब्न अबी तालिब मस्जिद में हुई।

घटना का विवरण और तत्काल प्रभाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका उस समय हुआ जब मस्जिद में सैकड़ों श्रद्धालु जुमे की इबादत के लिए जुटे थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद के अंदरूनी हिस्से को भारी नुकसान पहुँचा। सरकारी समाचार एजेंसी ‘सना’ (SANA) द्वारा जारी तस्वीरों में मस्जिद के कालीनों पर खून के धब्बे, दीवारों में छेद और खिड़कियों के टूटे हुए शीशे देखे जा सकते हैं।
धमाके के तुरंत बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। सुरक्षा बलों ने मस्जिद के चारों ओर घेराबंदी (Security Cordon) कर दी है और राहत कर्मियों ने घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि कई घायलों की स्थिति गंभीर है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
जांच और शुरुआती रिपोर्ट
सीरिया के गृह मंत्रालय ने इसे एक “आतंकवादी हमला” करार दिया है। शुरुआती जांच के संकेत बताते हैं कि मस्जिद के एक कोने में विस्फोटक उपकरण (IED) छिपाकर रखे गए थे। हालांकि, कुछ अपुष्ट खबरें एक आत्मघाती हमलावर की संलिप्तता की ओर भी इशारा कर रही हैं। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे क्षेत्र में सक्रिय कट्टरपंथी समूहों की साजिश मान रही हैं।
सांप्रदायिक पृष्ठभूमि और तनाव
जिस इलाके (वाडी अल-दहाब) में यह हमला हुआ है, वह मुख्य रूप से अलावी (Alawite) अल्पसंख्यक समुदाय का क्षेत्र है। गौरतलब है कि सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद भी इसी समुदाय से ताल्लुक रखते थे। 2024 के अंत में असद शासन के पतन और उनके रूस भाग जाने के बाद से, सीरिया में अलावी समुदाय और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले देश में सांप्रदायिक आग को फिर से भड़काने की कोशिश हैं। अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा के नेतृत्व वाली नई सरकार देश में स्थिरता बहाल करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पूर्व शासन के समर्थक, आईएस (ISIS) के बचे हुए लड़ाके और विभिन्न विद्रोही गुटों के बीच टकराव अभी भी जारी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
सीरियाई सूचना मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे “राष्ट्रीय एकता को तोड़ने का प्रयास” बताया है। पड़ोसी देशों जैसे लेबनान, जॉर्डन और सऊदी अरब ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और आतंकवाद के खिलाफ सीरियाई जनता के साथ खड़े रहने का वादा किया है।
सीरिया की वर्तमान सुरक्षा स्थिति
यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब सीरिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है:
- सत्ता परिवर्तन: बशर अल-असद के 24 साल पुराने शासन के अंत के बाद देश में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया चल रही है।
- आईएस (ISIS) का पुनरुत्थान: हालांकि आईएस को साल 2017 में आधिकारिक रूप से हरा दिया गया था, लेकिन उसके ‘स्लीपर सेल्स’ अभी भी रेगिस्तानी इलाकों और भीड़भाड़ वाले शहरों में सक्रिय हैं।
- आर्थिक संकट: सुरक्षा चुनौतियों के साथ-साथ सीरिया इस समय भीषण आर्थिक संकट और नई मुद्रा (Currency) की लॉन्चिंग की तैयारी से भी जूझ रहा है।

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